सीढ़िया उन्हें मुबारक हो जिन्हें छत तक जाना है|मेरी मंजिल तो आसमान है, रास्ता मुझे खुद बनाना है|
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की……!!
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं….!!
गुज़र जायेगी ज़िन्दगी उसके बगैर भी,
वो हसरत-ए-ज़िन्दगी है ….
शर्त-ए-ज़िन्दगी तो नहीं……!!
उस इंसान से कभी भी गाली-गलौज ना करें, जिसके.......नेट की स्पीड और टाइपिंग स्पीड आपसे तेज़ हो।
Jis ke naseeb mein hon zamaney ki thokarein…!!
Us bad-naseeb sey na sahar’on ki baat ker…