आदतन तुम ने कर दिए वादेआदतन हम ने ऐतबार कियातेरी राहो में बारहा रुक करहम ने अपना ही इंतज़ार कियाअब ना मांगेंगे जिंदगी या रबये गुनाह हम ने एक बार किया
ना चाँद की चाहत
ना सितारों की फरमाइश
हर जन्म में तू मिले
मेरी बस यही ख्वाहिश
चंदन की लकड़ी फूलों का हार,अगस्त का महीना सावन की फुहार,भैया की कलाई बहन का प्यार,मुबारक हो आपको रक्षा-बंधनका त्यौहार।
सुनो...जब कभी देख लुं तुम को....तो मुझे महसूस होता है कि...दुनिया खूबसूरत है|
क्यूँ किसी की यादों को सोच कर रोया जाए,
क्यूँ किसी के ख्यालों में यूँ खोया जाए,
बाहर मौसम बहुत ख़राब हैं,
क्यूँ न रजाई तानकर सोया जाए...