इक ऐसा दौर भी देखा है मैंनेकि जब खुशियाँ मुझे भी ढूँढती थीं |
ज़िन्दगी का एक और पड़ाव कम होने को है,
जानो जहान में यह सितम होने को है
अब क्या कहें तुमसे दोस्त
दिसम्बर के आखिरी दिनों में नया साल 2021 आने को है
New Year 2021
हकीकत में किसान ही इस देश को चलाते है,
वही खाने को अनाज देते है, वही चुन कर सरकार देते है.