"अंजुम तुम्हारा शहर जिधर है उसी तरफ,एक रेल जा रही थी,कि तुम याद आ गए"
सोचते -सोचते गुजरा,मीलों का सफ़र lकब लगी आँखना थी नींद को भी खबर lजागते-जागते यूँ ही,रात गुजर जाती है l
शुभ रात्रि
दुर्गा परम सनातनी जग की सृजनहार,
आदि भवानी महा देवी श्रृष्टि का आधार.
Jai Mata Di
माँ लक्ष्मी का हाथ हो,
सरस्वती का साथ हो,
गणेश का निवास हो,
और मां दुर्गा के आशीर्वाद से,
आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो
जय माता दी