दिल ने ये कहा है दिल से
लोकडाउन बढ़ गया है फिर से
Holi
गब्बर: कब हैं होली, होली कब हैं?
सांभा: सरदार आप हर साल यही पूछते रहते हैं,आखिर आप चाहते क्या हैं?
गब्बर: अरे खाली बैठा हूँ सोचा पिचकारी की दुकान खोल लूँ.
Happy Holi