“ऊंचाई पर वही पहुँचते है,
जो बदला नहीं बदलाव लाने की सोच रखते है.”
वक़्त इस दुनिया का सबसे बड़ा मरहम हैं जो गहरे से गहरा घाव भर देता हैं.
आज का सुविचार
कितने मूर्ख हैं
हम भगवान के बनाए फलों को भगवान को ही अर्पण करके धन दौलत माँगने लगते हैं
जो बांधने से बंधे… और तोड़ने से टूट जाये…
उसका नाम है “बंधन”
जो अपने आप बन जाये… और जीवन भर ना टूटे…
उसका नाम है “संबंध”