अगर कोई इगनोर करे तो उनसे दूर हो जाओ,
रिश्ता अपनी जगह और सेल्फ रेस्पेक्ट अपनी जगह
सुप्रभात
जिसकी नीति अच्छी होगी,
उसकी हमेशा उन्नत होगी,
“मैं श्रेष्ट हूँ”… यह आत्मविश्वास है,
लेकिन
“सिर्फ मैं ही श्रेष्ट हूँ”…यह अहंकार है।
मीठी जुबान, अच्छी आदतें,
अच्छा व्यवहार और अच्छे लोग, हमेशा सम्मानित होते हैं।