रोज वो ख्वाब में आते हैं गले मिलने को,
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है किस्मत मेरी !
हमने खड़े-खड़े साहिल पर शाम कर दी,
अपनी दुनिया आप के ही नाम कर दी,
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ये ज़िंदगी,
बिना सोचे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।
मेरी साँसों में आके बिखर जाओ तो अच्छा हो,
रूह बनके जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा हो,
एक रात गोद में तेरी सिर रख के सो जाऊं,
फिर वो रात कभी ख़त्म ना हो तो अच्छा हो।
कहने को बहुत कुछ बाकी है |
तेरे साथ जिंदगी जीना बाकी है |
खुद को खो के पाया है तुझे |
यही बात तुजे समजना बाकी है |
रो पड़ा है आसमा भी मेरी वफ़ा को देख कर,
देख तेरी बेवफाई की बात बदलो तक जा पहुंची|
मोहब्बत में हम उन्हें भी हारे है,
जो कहते थे हम सिर्फ तुम्हारे है।