गलत सुना था कि मोहब्बत आँखों से होती है,
दिल तो वो भी चुरा लेते हैं जो पलकें नहीं उठाते।
काश कहीं से मिल जाते वो अल्फाज हमें भी जो तुझे…
बता सकते कि हम शायर कम तेरे दीवाने ज्यादा हैं…
मेरे यादों का रुख़ आज भी,तेरी गली में होता रहता है lवो कल भी बेखबर था,वो आज भी बेखबर है,वो बस चैन से सोता रहता है
आफत है तेरे खत के फाड़े हुये पुर्जे,रख्खे भी नहीं जाते फेंके भी नहीं जाते..
सूरज निकलने का वक्त हो गया है,फूल खिलने का वक्त हो गया है,लेकिन नींद से जागो मेरे दोस्त,क्योंकि सपनों को हकीकत में बदलने का वक्त हो गया है!Good Morning
दारू या दवा ना जाने कौन बचाएगा,
कुछ दिनों की बंदी है, वक़्त कट जायेगा l"