दास्तान मेरे लाड – प्यार की बस
एक हस्ती के इर्द – गिर्द घुमती है
तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम।
मुझसे पहले वो किसी और की थी , मगर कुछ शायराना चाहिए था । ।
चलो माना ये छोटी बात है , पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था ।
Teri Kami Khalti Rahti Hai Sada,
Ek Be Naam Tasweer Ki Tarah.
मन करता है जो दर्द है दिल में
बयां कर दूँ हर दर्द तुझसे ,
अब ये दर्द छुपाए नहीं जाते
लेकिन नहीं कह सकता कुछ तुझसे
क्योंकि दिलो के दर्द दिखाए नहीं जाते ……