आधे तेरी याद के, आधे फरियाद के,
लम्हे जितने गुज़रे सारे बर्बाद थे…
मन तो मेरा भी करता है नाराज़ होने का पर, फिर याद आया की मानाने वाला तो कोई नहीं है। 😊😥
मन तो मेरा भी करता है नाराज़ होने का पर,
फिर याद आया की मानाने वाला तो कोई नहीं है। 😊😥
" एक झूठ बोल के तुम्हें मैं,अपने पास रख लेता मगर,साथी मैं लंबे सफऱ का था,इसलिए सच बोल दिया...l"
"मैं सिसकियाँ ले रो भी नहीं सकता,
मुस्कुराने का उससे वादा किया है l"
प्रेम सबकुछ सह लेता है,पर उपेक्षा नहीं सह सकता ।
ग़म न कर ज़िन्दगी बहुत बड़ी है,
चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है,
बस एक बार मुस्कुरा कर देख,
तक़दीर खुद तुझसे मिलने बाहर खुद खड़ी है…