एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास,
वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है।
कोई तुमसे सीखे.....मौजूद रहना मुझ में !!
फिर उसी बेवफा पे मरते हैं,फिर वही ज़िन्दगी हमारी है ।
"थामना चाहते थे हाँथ दोनों एक दूसरे का,एक ने ज़माने के नाम पे छोड़ दी,एक ने मोह्हबत के नाम पे छोड़ दी l"