उड़ने में बुराई नहीं है, पर आप भी उड़े,
लेकिन उतना ही जहां से जमीन साफ दिखाई देती हो..
चलो ख़ामोशियों की गिरफ़्त में चलते है…बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जायेंगे
चलो ख़ामोशियों की गिरफ़्त में चलते है…
बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जायेंगे
तेरे हर एक अक्स से नफरत होने लगी,कुछ इस क़दर हमे खुद से मोहब्बत होने लगी।
तेरे हर एक अक्स से नफरत होने लगी,
कुछ इस क़दर हमे खुद से मोहब्बत होने लगी।
तेरे खामोश होंठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है,तू मेरा है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है।