कोई तो है मेरे अन्दर मुझे संभाले हुए…
मैं बेकरार सा होकर भी बरकरार रहता हूं!
रूबरू मिलने का मौका मिलता नहीं है रोज,इसलिए लफ्ज़ों से तुमको छू लिया मैंने।
तेरी तरफ चले तो उम्र कट गई,ये और बात है रास्ता काटता नहीं।
जो रोज दिल को दे सुकून,वो प्यार है lमिले सोने को और मोहलत,तो रविवार है l
तुमको देखूं तो मुझे प्यार बहोत आता है
ज़िंदगी इतनी हसीन पहले तो नही लगती थी
Dafan Karna Mujhe Apni Ankhon Me….
Ye Meri Aakhri Wasiyat Hai..!!