तोड़ दो ना वो कसम जो तुमने खाई है,
कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है!
सारा जहाँ है जिसकी शरण में…
नमन है उस शिव के चरण में…
बने उस शिव के चरणों की धूल…
आओ मिलकर चढ़ायें हम श्रद्धा के फूल…
" बहुत खुश चेहरे के पीछे,अक्सर उदास आँखें होती है l "
काशी कबहु ना छोड़िए, विश्वनाथ का धाम..मरने पर गंगा मिले, जियते लंगड़ा आम..
कहानी खत्म होती है,
मरती नहीं है,
रह जाती है हमेशा,
हर किसी के दिल में l