“मंजिल तो उसे एक दिन मिल ही जाएगी भटक कर ही सही,
गुमराह तो वो लोग होते हैं जो घर से निकलते ही नहीं”
“योग के आठ अंग हैं –
यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि।”
शिव की शक्ति, शिव की भक्ति,
ख़ुशी की बहार मिले, शिवरात्रि के पावन अवसर पर
आपको ज़िन्दगी की एक नई अच्छी शुरुवात मिले!
HAPPY SHIVRATRI
“दिल समंदर जैसा रखना साहब,
देखना नदियाँ खुद ही मिलने आयेगी...”
Aaj Ka Suvichar