मेरे यादों का रुख़ आज भी,तेरी गली में होता रहता है lवो कल भी बेखबर था,वो आज भी बेखबर है,वो बस चैन से सोता रहता है
वो आज भी मेरे Password में रहती है
जिसे भूलने का दावा मैं रोज करता हूँ
आफत है तेरे खत के फाड़े हुये पुर्जे,रख्खे भी नहीं जाते फेंके भी नहीं जाते..
झज्जे का प्यार,फिर नज़र आने लगा है lशाम ढलते सारा मोह्हला,छत पर नज़र आने लगा है l
"बड़ी आरजू होती है किमिलकर तुमसे ये-वो कहेंगे,और हर बार उलझ जाते है,आँखों में और बात भूल जाते है l"
पर चलो भगवान से दुआ है की पिछली साल जो भी हुआ
हमारे साथ फिर चाहे वो अच्छा हो या बुरा पर इस साल सिर्फ अच्छा ही अच्छा हो कुछ भी बुरा न हो
हैप्पी न्यू ईयर 2021