मेरे यादों का रुख़ आज भी,तेरी गली में होता रहता है lवो कल भी बेखबर था,वो आज भी बेखबर है,वो बस चैन से सोता रहता है
आफत है तेरे खत के फाड़े हुये पुर्जे,रख्खे भी नहीं जाते फेंके भी नहीं जाते..
एक तरफ तेरी बढ़ेगी नराजगी,और एक तरफ बेचैनी मेरी lएक बार लगेगा की फासला बढ़ रहा,और फिर लगेगा कितने करीब है रहा l
"बड़ी आरजू होती है किमिलकर तुमसे ये-वो कहेंगे,और हर बार उलझ जाते है,आँखों में और बात भूल जाते है l"
पर चलो भगवान से दुआ है की पिछली साल जो भी हुआ
हमारे साथ फिर चाहे वो अच्छा हो या बुरा पर इस साल सिर्फ अच्छा ही अच्छा हो कुछ भी बुरा न हो
हैप्पी न्यू ईयर 2021
और क्या देखने को बाक़ी है
आप से दिल लगा के देख लिया