मेरे दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं,कि तस्वीर-ए-यार हमने हर तरफ लगा रखी है।
" एक झूठ बोल के तुम्हें मैं,अपने पास रख लेता मगर,साथी मैं लंबे सफऱ का था,इसलिए सच बोल दिया...l"
साथ रहने की क़ीमत,क्या चुकाता,बे-मोल को कैसे,मिलता कोई अनमोल...
बिना दोस्त बने,
कोई अच्छा प्रेमी
नहीं हो सकता,
कभी देखा है तुमने,
रेत में गुलाब,
खिलते हुए l
एक आवाज़, दिल को राहत दे गई,जल्दी बीते ये दिन चाहत दे गई l
क्या माँगू खुदा से तुझे,या तेरी परेशानियाँ माँगू lअब झुके सर सजदा को,रब से तेरी खुशियाँ माँगू l