"रो देती है हर बार जब आँगन से जुदा होती है,बेटियांँ एक बार नहीं कई बार विदा होती है।।"
"एक बटन के फासले पे ज़िंदगी थी,किसी से पहले पर दबाया ना गया lमिट जाते सारे दिलों के फासले 'जाना',इश्क़ में अहं को भुलाया ना गया l"
नज़र में उसकी नज़र छोड़ आया,बंद ख़्वाबों को सहर तक छोड़ आया lपलक खुलती तो ना जाने क्या होता,जाने कहाँ मैं ये मन छोड़ आया l
मेरी चिल्लाने की आवाज़ मैं खुद नही सुन पाया,नज़र में ये था की नाटक ना समझ ले l
Pyar Bhari shayari