कविता के कई मतलब हो सकते हैपर कविता कभी मतलबी नहीं हो सकती !!
काशी कबहु ना छोड़िए, विश्वनाथ का धाम..मरने पर गंगा मिले, जियते लंगड़ा आम..
कई बार खामोशी से बेहतर,कोई बात नही होती lनींद आ जाये आँखों में,ऐसी उनकी रात नही होती l
गुड नाईट
एक उसे पाने की,एक उसे भुलाने की,कोशिश बेकार करता हूँ l
तस्वीर के चाहे हज़ारों रंग क्यों न हो,
मुस्कराहट का रंग सबसे ख़ूबसूरत ही होता है…!!
तुम जुआरी बड़े ही माहिर हो,
एक दिल का पत्ता फेक कर जिदंगी खरीद लेते हो..