काशी कबहु ना छोड़िए, विश्वनाथ का धाम..मरने पर गंगा मिले, जियते लंगड़ा आम..
कई बार खामोशी से बेहतर,कोई बात नही होती lनींद आ जाये आँखों में,ऐसी उनकी रात नही होती l
गुड नाईट
एक उसे पाने की,एक उसे भुलाने की,कोशिश बेकार करता हूँ l
तस्वीर के चाहे हज़ारों रंग क्यों न हो,
मुस्कराहट का रंग सबसे ख़ूबसूरत ही होता है…!!
कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए