तुम्हारे साथ होता हूँ
तो दर्द भूल जाता हूँ.
ख़ुद को भूला हूँ उस को भूला हूँउम्र भर की यही कमाई है ...
ज़िंदगी चाहे
जितना उलझायेगी,
तुम थामे रहना
डोर मजबूती से,
मैं दूसरा छोर
ढूंढ लाऊँगा l
Pyar Bhari shayari