तुम्हारी कठिनाई में मैं साथ निभाऊंगा ,
तुम्हारी हर तकलीफ को मैं खत्म करता जाऊंगा।
जिंदगी की राह में कभी रुकना नही,
कितनी भी बड़ी हो मुशीबत झुकना नही।
चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये,
बिना माचिस के लोगो को जलाया जाये।
लौट आयेंगी खुशियाँ, अभी गमों का शोर है
संभलकर रहो यारो ये इम्तिहानों का दौर है।
"उन्हें कह दिया खुदा, तो बेवफ़ा तो ना कहेंगे,अपने ही नजरों में इश्क़ को बदनाम ना करेंगे l"