लॉक डाउन में लोगों की अलग-अलग परेशानी है
कोई किसी की एक झलक पाने को बेताब है
तो कोई किसी को दिन-रात देख देख कर परेशान है
किसी ने कहा पेड़ से हमें "शीतल छाया" मिलती है
3 दिन से पेड़ के नीचे बैठा हूं ना "शीतल" आयी ना "छाया"