आपकी जिंदगी आपके खुद के विचारों के आधीन है
आप चाहे तो लोगो जैसे आम हो जाओ या तो लोगों से खास हो जाओ।
प्रार्थना ऐसें करो ज़ैसे सब कुछभगवान् पर निर्भंर करता हैंऔर प्रयास ऐसें करों ज़ैसे सब़ कुछआप पर निर्भंर क़रता है…
कुछ तकलीफें हमारा इम्तेहान लेने नहीं
बल्कि हमारे साथ जुड़े लोगों की पहचान कराने आती हैं...
मजबूर और मजबूत में ज्यादा फर्क नही है,
स्वार्थी मनुष्य से दोस्ती करोगे तो वो आपको मजबूर बना देगा और
सच्चे मनुष्य से दोस्ती करोगे तो वो आपको मजबूत बनाएगा ।