मजबूर और मजबूत में ज्यादा फर्क नही है,
स्वार्थी मनुष्य से दोस्ती करोगे तो वो आपको मजबूर बना देगा और
सच्चे मनुष्य से दोस्ती करोगे तो वो आपको मजबूत बनाएगा ।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
जब कोई आप को अपना समय देता है,
तो याद रहे कि वह अपने जीवन की सबसे अमूल्य चीज आप को दे रहा है !
क्यों मरते हो यारो सनम के लिए,ना देगी दुप्पटा कफ़न के लिए,मरना है तो मारो वतन के लिए,तिरंगा तो मिलेगा कफ़न के लिए.
परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
घर चलाने में खुद को मिटा दिया, और कोई नही वह किसान हैं