आपकी जिंदगी आपके खुद के विचारों के आधीन है
आप चाहे तो लोगो जैसे आम हो जाओ या तो लोगों से खास हो जाओ।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
घर चलाने में खुद को मिटा दिया, और कोई नही वह किसान हैं
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.
खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई,
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर…..!!