आपकी जिंदगी आपके खुद के विचारों के आधीन है
आप चाहे तो लोगो जैसे आम हो जाओ या तो लोगों से खास हो जाओ।
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
अगर आप नेक इंसान हो और लोग आपको बुरा कहे तो चलेगा,
क्यूँकि यह इससे कही अच्छा है कि तुम बुरे हो और लोग तुम्हें अच्छा कहे.
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.
खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई,
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर…..!!