सुनो मेरी गुलाब जामुन
ये जो बड़े बड़े झुमके
तुम अपने छोटे छोटे कानो मैं पहनती हो न
नज़र वहीं ठहर सी जाती है |
"मोह्हबत है इसलिए शायद,ये बात भी भूल जाता हूँ,जब चाँद मेरे पास नहीं होतातो कंही और निकलता है l"
"एक मोह्हबत के उम्मीद में,
जहाँ के सारे रंग,सारे खुशबू,
सारा संगीत, सारा सौन्दर्य,
दिल के साथ उन्हें दे आया l"❤❤
काश कोई हम पर भी अपना प्यार जताती,
पीछे से आकर हमारी आंखों को छुपाती,
हम पूछते की तुम कौन हो,
और तुम खुद को हस कर हमारी जान बताती..