“दिल समंदर जैसा रखना साहब,
देखना नदियाँ खुद ही मिलने आयेगी।”
प्यार में ना मोहे जीतना है,ना उन्हे मोहे हराना है lचलना है संग उनके ,प्यार में संग जीना है l
उम्र चाहे कितनी भी हो,सुना है दिल पे झुर्रियाँ नहीं पड़ती ।
रोज सुबह पेड़ों कोखड़े हो लगातार देखता हूँ,ये हमें सिखाते है,हर मौसम में जिंदा रह जाना l
"कैसे कहे कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l"
मोहब्बत का कोई मुकाम नही होता है,
वो जो रास्ता होता हैं न वही खूबसूरत तमाम होता है।