औऱ फ़िर बिछड़ कर ये तो होना ही था ।अब समन्दर जितनी प्यास लिए फ़िरते हैं दोनों ।।
अभी कुछ वक़्त और ठहराना होगा,पिघलने से पहले और तपना होगा l
"आओ की, अब ये दिल चैन तो पा जाये,भटका राही कोई, मंजिल को पा जाये,ठहरा रास्ते में, ये दिल कई जगह,तेरी आँखों के यादों से, कभी ये निकल नहीं पायें l"
बात कुछ भी हो, ये दिल उन्हें दूर मानता ही नहीं,कस्तूरी थी मृग के अंदर, पर वो जानता ही नहीं l
बीते साल को भूल जाएँ
आने वाले साल को गले लगाएँ
करते हैं हम प्रार्थना ईश्वर से
इस साल सारे सपने पूरे हों आपके
नव वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएं