हमें तुमसे मोहब्बत न होती,,
सिर्फ दो ही हालत में…
या “तुम” बने न होते,
या ये दिल बना न होता…
बहुत खूबसूरत वो रातें होती है,जब तुमसे दिल की बात होती है ||वैसे कुछ खास लफ्ज़ नहीं होते मेरे पास,पर जब उनकी याद आती है तोह,मेरे लिखे लफ्ज़ो में भी मिठास आ जाती है.
“दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है”
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।