मैं दर्द का दरिया हूँ ,तुम सुकून का समन्दर हो जाना lडूबा लेना मुझको खुद में,मेरे लिए इश्क का कलन्दर हो जाना l
अब शामे खत्म तुमसे,अब सुबह शुरू तुमसे ,बचे निशा के कुछ पल,उसमे नींद भी तुमसे,सोयी आँखों के सपने भी तुमसे l
"मैं अक्सर उसकी बातों में आ जाता हूँ,फिर हर बार की तरह, छला जाता हूँ l"
जल्दी ही लौटेंगे खुशिया अभी कुछ गमो का शोर ह
जरा सम्भल कर रहिये इम्तिहानो का दौर ह
चारो तरफ हो खुशियाँ ही खुशियाँ,
मीठी पूरनपोली और गुजियां ही गुजियां
द्वारे सजती सुंदर रंगोली की सौगात
आसमान में हर तरफ पतंगों की बरात
सभी का शुभ हो नव वर्ष हर बार