खुशामद गजब है जरा सा रूठ जाने पे,
कैसे संभालोगे खुद को दिल के टूट जाने पे!
मैं ख्याल में हूँ तेरे,यातू ख्याल में है मेरे l
ये दूरियाँ कब मोह्हबत,
कम कर पाती है,
यादें तो बेहिसाब,
तन्हाई में आती है l
"तुम रहो दूर मुझे, ये बर्दास्त मुझे,पर जहाँ रहो बस, सलामत रहो lतुम्हारे आँखों में ना रहूँ, मंजूर मुझे,मेरी मोह्हबत की, अमानत रहो l"
किसी की याद से इस उम्र में दिल की मुलाक़ातें
ठिठुरती शाम में इक धूप का कोना ज़रूरी है