श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है,बोल तेरी मीठी घायल कर जाती है lवो गोरे होते तो क्या होते,सांवले रंग पे ही दुनिया मर जाती है l
अनुभवों के साथ,
आदर्श भी बदल जाते हैं।
साथ रहने की क़ीमत,क्या चुकाता,बे-मोल को कैसे,मिलता कोई अनमोल...
"जो आज है,वो कल नहीं होगा,तेरे-मेरे मिलने का सिलसिला नहीं होगा,ना तुम रुठोगी, ना मैं मनाऊंगा,ये रोज-जीने मरने का सिलसिला नहीं होगा l"