कुछ तो पढ़ी लिखी होगी गर्मी ….
वरना
इतनी डिग्रीयाँ लेकर कौन घूमता है ?
अगर पति खाना कहते हुए
अचार मांगे
तो समझ लेना की
सब्जी में दम नही,
और सीधे बोलने का उसमे दम नहीं..!!
मेट्रो ट्रेन तो बनारस आ जाती लेकिन..हमलोगों ने मना कर दिया,ये बोलकरऐसी ट्रेन किस काम की...जिसकी खिड़की खोल के रजनीगंधा ना थूक सके..
हर बार अल्फाज ही काफी नहीं होते किसी को समझाने के लिएकई बार कनपटी पे भी देना पड़ता है..
'खतरों के खिलाडी' के अगले सीजन में सिर्फ वही लडकियाँ हिस्सा लेंगी.जो मम्मी के पास सोते हुए भीरात भर अपने बॉयफ्रेंड से बात कर लेती हैं...