हर बार अल्फाज ही काफी नहीं होते किसी को समझाने के लिएकई बार कनपटी पे भी देना पड़ता है..
बारिश की बूँदें भले ही छोटी हों..
लेकिन उनका लगातार बरसना
बड़ी नदियों का बहाव बन जाता है…
वैसे ही हमारे छोटे छोटे प्रयास भी
जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं…
तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो,प्यार का तालुक भी अजीब होता है,आंसू मेरे थे सिसक रहा था वो..
Sir: Define Energy?
Santa: Sir pura nai aata hain,
thoda last ka pata hain, bas.
Sir: Thik hain, jitna aata
hain utna bolo
Santa: “and this is called Energ…”
😄😄😄😄😄😄
बहुत दूर है तुम्हारे घर से हमारे घर का किनारा,पर हम हवा के हर झोंके से पूछ लेते हैं क्या हाल है तुम्हारा।