शुक्र है whatsapp हिंदी
में नहीं है
वरना last seen
अंतिम दर्शन कहलाता..!!
अच्छी शकल ना होना कोई पाप नहीं है,लेकिन बन्दर जैसी शकल होकर FB पे 70 लोगो को टैग करना आतगबाद है...
एक समय था जब रात के 12 बजे के बाद भूतो का राज हुआ करता था..लेकिन facebook और whatsapp ने इनका भी रोजगार छीन लिया|
अगर सरकार ताजमहल में गुटखा थूकने की मंजूरी दे दे... तो.... माँ कसम लोग उसे 5G की स्पीड से लालकिला बना देंगे...
परेशानी का कोई पैमाना नही होता"साहब"..कुछ लोग तो यही सोचकर परेशान रहते हैये सामने वाला दिनभर मोबाइल में करता क्या है!
बारिश के मौसम में गाड़ियों से थोड़ा दूरी बनाकर चलें,पता नहीं कब गाड़ी तीव्र गति से आये और आपके कपड़ों पर मार्डन आर्ट बनाकर चली जाये!