पहली मोहब्बत थी और हम दोनों ही बेबस,वो ज़ुल्फ़ें सँभालते रहे और मैं खुद को।
कल बुरा था,तो कल भी हो..जरुरी तो नहीं,दो रातों के बीच तो,हमेशा उजाला होता है l
"मोह्हबत में पाने की उम्मीद क्यों है, जाना,है ख्वाब ही अब जीने का सहारा माना,नींद मिल भी जाये तो क्या होगा,एक वो है जो मेरे अंदर सोता नहीं, जाना l"
"कितने बंधनों में बँधी है, तुमसे ये मोह्हबत मेरी,याद कर सकते है, पर खबर नहीं ले सकते तेरी l"
कुछ इस तरह से नव वर्ष की शुरुआत होगी,
चाहत अपनों की सबके साथ होगी,
न फिर गम की कोई बात होगी,
क्योंकि नये साल में खुशियों की बरसात होगी
हैप्पी न्यू ईयर 2021