जितना दिखाता हूँ,
उससे जादा याद करता हूँ,
जितना बताता हूँ,
उससे जादा प्यार करता हूँ l
झज्जे का प्यार,फिर नज़र आने लगा है lशाम ढलते सारा मोह्हला,छत पर नज़र आने लगा है l
दिल के अरमान,दिल तुझसे छुपाना चाहता है lये कब मोह्हबत में,तुझे पाना चाहता है lतुम्हें बना के खुदा,ये दिल मीरा हो जाना चाहता है l
"बड़ी आरजू होती है किमिलकर तुमसे ये-वो कहेंगे,और हर बार उलझ जाते है,आँखों में और बात भूल जाते है l"
"तुम में खो के मैं,खुद को पाता हूँ,यही एक सच है,मैं सब से छुपाता हूँ l"
"मेरी शब्दों में अगर,तुम्हारा महबूब दिख जायेतो मेरी कोई खता नहीं,मैंने तो सब अपने,दिल के नाम लिखा है l "