जब बारिश की बूंदें तुम्हारी यादों के साथ गिरती हैं,
तो दिल में तन्हाई की आहट सी सुनाई देती है…!
बारिश के मौसम में तेरी यादें सब कुछ
भुला देती हैं फिर भी मेरी आँखों
से बहते हुए आँसू नहीं रुकते…
बारिश में चलने से एक बात याद आती है,
फिसलने के डर से वो मेरा हाथ थाम लेता था।
वो मेरे रु-बा-रु आया भी तो बरसात के मौसम में,
मेरे आँसू बह रहे थे और वो बरसात समझ बैठा।
लगता है जैसे उसने भी मेरी तरह कोई अपना खोया है.!
"सारी कायनात उदास सी लगती है,
मेरी हमसफऱ मुझसे खफ़ा जो रहती है,
कोई इशारा हो कोई समझाये उन्हें,
बरसती नहीं बूँद,जमीं इंतजार में फटती है l "