मुझे मिलने मेरी औकात आयी है ,
मकान कच्चा है और बरसात आई है।
इस दफा तो बारिशें रूकती ही नहीं,
हमने क्या आसूं पिए की मौसम रो पड़े!
तुम्हें पहली बारिश पसंद है और मुझे तुमतुम्हें हँसना पसंद है मुझे हँसते हुए तुम,तुम्हें हमसे बात करना पसंद है, मुझे बोलते हुए तुमतुम्हें सब कुछ पसंद हैं और मुझे बस तुम...
Ab Kon Se Mausam Se Koi Aas LagayeBarsaat Mein Bhi Yaad Na Jab Un Ko Hum Aye..
Aaj Ki Is Barish Me
Sath Tum Nhi Ho To,
Aankh Nam Si Kitni Hai,
Saans Tang Si Kitni Hai,
Rooh Pyasi Kitni Hai
Yeh Udaasi Kitni Hai,
Aaj Ki Is Barish Me.