बारिश और मोहब्बत दोनों ही, यादगार होते है
बारिश में जिस्म, भीगता है और मोहबत में आंखे..!!
कभी शोख हैं,
कभी गुम सी है..
ये बारिशे भी तुम सी है..
Lo Aaj Phir Ronay Laga Hai Asmaan,
Ban Ke Barish..
Shayad Aaj us ko phir
Ehsas Hua Hai Meri Tanhai Ka!
सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,
ज्यादा भीगना मत..
अगर धूल गई सारी ग़लतफहमियां,
तो फिर बहुत याद आएंगे हम!!
तुम्हें पहली बारिश पसंद है और मुझे तुमतुम्हें हँसना पसंद है मुझे हँसते हुए तुम,तुम्हें हमसे बात करना पसंद है, मुझे बोलते हुए तुमतुम्हें सब कुछ पसंद हैं और मुझे बस तुम...