बिन बात के ही रूठने की आदत हैकिसी अपने का साथ पाने की चाहत हैआप खुश रहें मेरा क्या है मैं तो आइना हूँमुझे तो टूटने की आदत है।
बिन बात के ही रूठने की आदत है
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है
आप खुश रहें मेरा क्या है मैं तो आइना हूँ
मुझे तो टूटने की आदत है।
मेरे दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं,कि तस्वीर-ए-यार हमने हर तरफ लगा रखी है।
" एक झूठ बोल के तुम्हें मैं,अपने पास रख लेता मगर,साथी मैं लंबे सफऱ का था,इसलिए सच बोल दिया...l"
प्रेम में ऐसामहसूस होना चाहिए..जैसे किकिसी मंदिर के सामनेसे गुजर गया हो कोई ।
"मैं सिसकियाँ ले रो भी नहीं सकता,
मुस्कुराने का उससे वादा किया है l"
एक आवाज़, दिल को राहत दे गई,जल्दी बीते ये दिन चाहत दे गई l