तन्हाई में मुश्कुराना भी इश्क है,और इस बात को छुपाना भी इश्क है।
मेरे दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं,कि तस्वीर-ए-यार हमने हर तरफ लगा रखी है।
" एक झूठ बोल के तुम्हें मैं,अपने पास रख लेता मगर,साथी मैं लंबे सफऱ का था,इसलिए सच बोल दिया...l"
"मैं सिसकियाँ ले रो भी नहीं सकता,
मुस्कुराने का उससे वादा किया है l"
वक़्त मिले तो मेरे घर तक चले आना कभी,तेरी खुश्बू के मोहताज़ मेरे गुलदस्ते आज भी हैं.
एक आवाज़, दिल को राहत दे गई,जल्दी बीते ये दिन चाहत दे गई l