गाने वाल गधा और लोमड़ी

गाने वाल गधा और लोमड़ी

एक गाँव में एक किसान रहता था, उसके पास एक गधा था. वो अपने गधे से खूब सारा काम करवाता था लेकिन उसे खाने पीने को कुछ भी नहीं देता था. इस वजह से गधे की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी, वो हर दिन कमज़ोर हो रहा था. 

गाँव वाले उसकी दशा देखकर किसान को बहुत समझाते लेकिन किसान किसी की भी नहीं सुनता था. वो रात में गधे को तीन चार घंटे के लिए खुला छोड़ देता था और वो गधा रूखे सूखे घास खा कर ही गुज़ारा करता था. कई दिन बीत गए एक रात गधा ऐसे ही रात को घास चर रहा था तभी उसकी मुलक़ात एक लोमड़ी से हुई. लोमड़ी ने बहुत ही प्यार से उससे कहा, अरे मित्र क्या बात हैं तुम्हारी इतनी बुरी दशा कैसे हुई? तुम इतने कमज़ोर कैसे हो गए? लोमड़ी की बात सुनकर गधा बहुत ही दुःखी हो गया और उसने उस लोमड़ी को अपनी पूरी रामकहानी कह सुनाई. उसकी कहानी सुनकर लोमड़ी को बहुत बुरा लगा और उसने कहा, दोस्त समझो आज से तुम्हारे अच्छे दिन आ गए. तुम मेरे साथ चलो मैं एक ऐसे जगह के बारे में जानता हूँ जहाँ पर खूब सारा खाना मिलेगा. अगर तुम चाहो तो तुम मेरे साथ वहां चल कर पेटभर खाना खा सकते हो और सुबह होने से पहले हम वापस आ जायेंगे. खाने की बात सुनकर गधे के मुहं में पानी आ गया और उसने कहा, है भाई क्यों नहीं चलो मैं भी चलता हूँ. अब दोनों उस तरफ चल दिए, थोड़ी देर बाद लोमड़ी उसे लेकर एक खेत में चुपचाप घुस गई और वहां पर दोनों ने खूब सारे फल और सब्जियां खाई. गधा उस रात बहुत ख़ुश हुआ पेट भरकर खाया. अब इसी तरह गधा हर रोज लोमड़ी के साथ जाता और खूब खा कर सुबह से पहले वापस आ जाता. इस तरह अब गधा मोटा ताज़ा हो गया. कई महीने बीत गए इसी तरह दोनों चुपके से खेत में घुस जाते और खा के वापस आ जाते. 

एक रात गधे ने बहुत ही ज़्यादा खा लिया अब उसने बाद जब लोमड़ी ने वापस जाने को कहा, तब वो उसकी बात अनसुनी करके अपने सुर में ढेंचू ढेंचू करके चिल्लाने लगा. लोमड़ी ने उसे बहुत समझा लेकिन उसने उसकी बता नहीं सुनी और उससे कहने लगा कि, तुम जंगली जानवर क्या जानो संगीत के बारे में? ये हमारा ख़ानदानी शौक हैं और हम अपने सुरीले आवाज़ में गाते हैं. लोमड़ी ने उसे बहुत समझाया की वो चुप हो जाये लेकिन गधा और तेज़ तेज़ चिल्लाने लगा. थोड़ी देर में उस खेत का मालिक जाग गया जो पिछले कई महीने से उस जानवर की तलाश में था जो उसका खेत चट कर जाता था. लोमड़ी ने होशियारी दिखाई और उसे वहीं छोड़ कर भाग गई. इधर गधा अपनी आवाज़ में ज़ोर ज़ोर से गाने लगा. उधर से किसान ने उसे आकर देख लिया और उसकी धुनाई कर दी. उसने उस गधे को इतना पिता की वहीं पर वो मर गया. 


कहानी से सीख:

हमें अपने सच्चे हितैषी की बात बहुत ध्यान से सुन्नी चाहिए और उसकी हर बात माननी चाहिए, क्योंकि वो हमेशा हमारी भलाई के बारें में ही सोचते हैं.