बदला लेने की नही
बदलाव लाने की सोच रखिए
थोडे से गुस्से से बहुत कुछ
बिखर जाता हैं और
जब होश आता है तो समय
निकल जाता हैं।।
विद्या के अलंकार से अलंकृत होने पर भी दुर्जन से दूर ही रहना चाहिए,
क्योंकि मणि से भूषित होने पर भी क्या सर्प भयंकर नहीं होता
वर्षों से दहलीज़ पर कड़ी वो मुस्कान है,
जो हमारे कानो में धीरे से कहती है,
“सब अच्छा होगा”
जिनका कद ऊँचा होता है
वो दूसरों से झुक कर ही बात करते हैं
अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है…
“अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
“संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!