किसी ने ग़ालिब से कहा
सुना है जो शराब पीते हैं उनकी दुआ कुबूल नहीं होती ….
ग़ालिब बोले: “जिन्हें शराब मिल जाए उन्हें किसी दुआ की ज़रूरत नहीं होती”
गुस्सा करना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा ही है –
क्यूंकि आप जिसपे गुस्सा करते हैं उससे ज्यादा आपका खुद का नुकसान हो जाता है
हमसफ़र खूबसूरत नहीं
बल्कि सच्चा होना चाहिए
नहीं चाहिए वो सब जो मेरी किस्मत में नहीं,
भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं ।
इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख़यालों के बाद,
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद!!