” मोहब्बत ” करने वाले आशिक कम
ना होंगे पर तेरी महफिल मे हम ना होंगे
समझदार बनने की कोशिश में शरारत
भी खो बैठे
अब इस समझदारी में सबको साजिश नजर
आती है…
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;
जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;
यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;
न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो।
Pal Pal Se Banta Hai Ehasas,
Ehsas Se Banta Hai Vishvas,
Vishvas Se Bante Hai Rishte,
Aur Rishte Se Banta Hai Koi Khas, Jaise Aap.