चुप-चाप से रहते हैं वो अक्सर,
ज़ुल्फ़ें भी सुना है कि संवारा नहीं करते,
दिन रात गुजरते हैं उनके बेचैन से,
तो चैन से हम भी गुजारा नहीं करते।
उसको चाहा पर इजहार करना नही आया,
कट गयी उम्र हमें प्यार करने नही आया,
उसने कुछ माँगा भी तो मागी रजाई,
और हमे इंकार करना नही आया....
रात है काफ़ी, ठंडी हवा चल रही है,
याद में आपकी किसी की मुस्कान खिल रही है,
उनके सपनो की दुनिया में आप खो जाओ,
आँख करो बंद ओर आराम से सो जाओ
Naa zaroorat hai chaand-sitaron ki,Naa zaroorat hai faltu yaaron ki,Ek dost chahiye apke jaisa,Jo watt laga de Hazaron ki…
धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।