हिम्मत इतनी थी की समुन्दर भी पार
कर सकते थे और मजबूर इतना हुए की
दो बूँद आंसुओ ने डुबो दिया
Udas na baitho fiza tang karegi,
Gujre hue lamho ki sazaa tang karegi,
Kisi ko na lao dil ke itna karib,
kyuki uske jane ke baad uski har adaa tang karegi….
आंसुओं की किम्मत क्या हैहम बखुबी समझते है ।वो कोई और होंगे ए सनमजो ओस को शबनम समझते है ॥
हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना,बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,यार ज़िन्दगी तोह बीत जायेगी,बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना. |
आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी है,न ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी है,यह कैसा मोड़ है ज़िन्दगी का,उसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है..