तेरी दोस्ती को पलकों पर सजाऐगें,
जब तक ज़िन्दगी हैं साथ निभायेगें,
देने को तो कुछ नहीं हमारे पास,
पर तेरी खुशी माँगने खुदा के पास जरूर जायेगें।
सूरज के सामने रात नहीं होती,सितारों से दिल की बात नहीं होती,जिन दोस्तों को हम दिलसे चाहते है,न जाने क्यों उनसे रोज़ मुलाकात नहीं होती.
दोस्ती ज़िन्दगी का खूबशूरत लम्हा है,
जिसे मिल जाये तन्हाई में भी खुश,
जिसे न मिले भीड़ में भी अकेला.
जीवन मेंखुशियों कीकमी नहीं हैदोस्तो.....बस खुशियोंकोमनाने काअंदाज़ होना चाहिए !!
पलकों से रास्ते के काटे हटा देंगे,
फूलों को क्या हम अपना दिल बिछा देंगे।
टूटने ना देंगे अपनी दोस्ती को कभी,
बदले में हम खुद को मिटा लेंगे।।