जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,रात होती है तो आंखो में उतर आता है,मैं उस के ख्यालो से बच के कहाँ जाऊ,वो मेरी सोच के हर रास्ते पे नज़र आता है.
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
Jis Jagah Jaakar Koee Vaapas Nahin AataJaane Kyon Aaj Vahaan Jaane Ko Jee Chaahata Hai
ना गिन कर दिया
ना तोल कर दिया,
जब भी दिया
शेरोंवाली माँ ने,
दिल खोल कर दिया…
जय शेरोंवाली माँ
Mat raho dur hum se Itna ki apne faisle par afsos ho jaye..
Kal ko kya pata aise ho mulaqat humari..
Ki Aap roye lipat kar humse, Aur hum khamosh ho jaye..