ना छेड़ किस्सा ए उल्फत ,
बड़ी लम्बी कहानी है ।।
मैं जमाने से नहीं हारा ,
बस किसी की बात मानी है…..
वक़्त नूर को बेनूर बना देता है, छोटे से जख्म को नासूर बना देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना पर वक़्त सबको मजबूर बना देता है.
भले ही किसी गैर की जागीर थी वो,
पर मेरे ख्वाबों की भी तस्वीर थी वो,
मुझे मिलती तो कैसे मिलती,
किसी और के हिस्से की तक़दीर थी वो
आज है महाशिवरात्रि
करिये भोले भंडारी का जाप
उनके जाप से धुलते हैं सारे पाप
महाशिवरात्रि की शुभकामनायें...
सरकार कहती है 1 लड़की ने पढ़ाई कर ली
तो घर के 4 लोगों को शिक्षित बनाती है…
पर……
लडकी के पढते समय कालेज़ के 40 लडके फेल हो जाते हैं उसका क्या?